Wednesday, 9 March 2016

Sirpur Talab Indore (7415550111)

सिरपुर तालाब को संवारने के लिए कागजों पर भले ही कितनी कोशिश कर करोड़ों रुपए खर्च कर दिए गए हों, लेकिन असल हालात भयावह हैं। छोटा सिरपुर तालाब में रोजाना हजारों लीटर जहर मिलाया जा रहा है। तालाब के पीछे बसी करीब दर्जनभर कॉलोनियों के लिए सीवरेज लाइन डाली जा चुकी है, बावजूद इसके कई कॉलोनियों का गंदा पानी तालाब में मिलाया जा रहा है। न मछलियां सुरक्षित हैं, न पक्षी। सड़ांध से पर्यटक अलग कतरा रहे हैं। सिरपुर तालाब को पक्षी अभयारण्य बनाने की कल्पना मात्र से निगम अधिकारी अपनी वाहवाही कर रहे हैं, लेकिन असल हालत बेहद शर्मसार कर देने वाले हैं। निगम द्वारा यहां की विकास योजनाओं पर पैसा खर्च करते-करते करीब पांच साल हो चुके हैं, लेकिन तालाब को आज तक गंदे पानी से मुक्ति नहीं दिलवाई जा सकी। बल्कि तालाब में रोजाना मिलाए जाने वाले जहर की मात्रा बढ़ती जा रही है। तालाब के पास बसी कॉलोनियों का गंदा पानी आज तक तालाब में मिलाया जा रहा है और अधिकारी सबकुछ जानकर भी खामोश रहकर तमाशा देख रहे हैं।
फिर सीवरेज लाइन डालने का मतलब ही क्या निकला?
निगम अधिकारियों के काम करने की तरीके पर सवाल उठाया जाना इसलिए जरूरी है, क्योंकि सालों बाद इस क्षेत्र में ड्रैनेज लाइन डालने का कोई फायदा नहीं मिला। जोनल अधिकारियों के मुताबिक यहां ड्रैनेज लाइन डाली गई है और करीब आठ कॉलोनियों का गंदा पानी उसी सीवरेज लाइन के जरिए निकाला जा रहा है। मगर हकीकत यह है कि आज भी करीब दर्जनभर कॉलोनियों का गंदा पानी सीवरेज लाइन के बजाय तालाब में ही डाला जा रहा है। अधिकारी इस मामले में सफाई दे रहे हैं जिस पाइप लाइन के जरिए तालाब में गंदा पानी आ रहा है, वो सीवरेज लाइन नहीं बल्कि स्टॉर्म वाटर लाइन यानी बारिश के पानी की लाइन है। मगर इसमें कई लोगों ने ड्रैनेज को जोड़ दिया है, इसलिए स्टॉर्म वाटर लाइन के जरिए गंदगी तालाब में मिल रही है। हालांकि अधिकारी यह भी दावा कर रहे हैं कि इस तरह की समस्या सामने आने के बाद स्टॉर्म लाइन से ड्रैनेज कनेक्शन हटा दिए गए हैं और अब उन्हें सीवरेज लाइन से जोड़ा जा रहा है।
मानो हम नर्क में रह रहे हैं...
छोटा सिरपुर तालाब के ठीक पास रहने वाले लोग दिनोदिन बढ़ती गंदगी की समस्या के कारण बेहद परेशान हैं। रहवासियों का कहना है कि ग्वाला कॉलोनी, प्रजापति नगर, द्वारकापुरी, ऋषि पैलेस कॉलोनी, आकाश नगर सहित कई ऐसी कॉलोनियां हैं, जहां ड्रैनेज लाइन डलने के बावजूद आज तक तालाब में गंदा पानी मिलाया जा रहा है। इसके कारण गंदगी, आवारा पशु और बदबू की समस्या भी बढ़ती जा रही है। सुबह-शाम के समय जब पानी ज्यादा मात्रा में बहाया जाता है, तो बदबू इतनी तेज हो जाती है कि यहां रहना मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि हम तो यहां मानो नर्क में रह रहे हैं।
फिर कैसे आएं पर्यटक?
इन समस्याओं के कारण पर्यटक भी इस ओर आना पसंद नहीं करते। यदि निगम ड्रेनेज का पानी रोके, बगीचा, झूले आदि लगाए तो पर्यटकों को रिझाया जा सकता है।
कई शिकायत, समाधान आज तक नहीं
तालाब में नाली का पानी छा़े.डने की समस्या नई नहीं है, बल्कि लम्बे समय से यह काम किया जा रहा है। गौरतलब है निगम द्वारा तालाब की विकास योजना बनाने के समय से इस समस्या को हल करने की बात होती रही है, लेकिन आज तक इसे पूरा करने की कोशिश नहीं की गई। पक्षीप्रेमियों ने इस हालत को देखकर आपत्ति जताई थी और सुधार के लिए निगमकर्मियों से बात भी की गई थी। कुछ पर्यावरण प्रेमियों और पक्षीप्रेमियों ने यह समस्या लिखित में भी निगम अधिकारियों के सामने रखी, लेकिन इसका समाधान नहीं हो पाया। रहवासियों के मुताबिक जब कभी इस ओर लाइन डलने और दूसरे विकास कार्यों की बात होती है तो इस समस्या से जिम्मेदार अधिकारियों को परिचित कराया जाता है, लेकिन बावजूद इसके इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया। अब भी यह कहा जा रहा है कि लोगों द्वारा ड्रैनेज के पानी को स्टॉर्म लाइन में छा़े.डने के कारण परेशानी हो रही है जबकि सभी नालियों को सीवरेज लाइन से जा़े.डकर समस्या को कुछ ही दिनों में हल किया जा सकता है।
कई कॉलोनियों के लिए ड्रैनेज लाइन डाली जा चुकी है, लेकिन कई लोगों ने अपने घर का गंदा पानी को निकालने के लिए स्टॉर्म वाटर लाइन में कनेक्शन कर लिया है। इसलिए तालाब में गंदा पानी आ रहा है। कई जगहों पर स्टॉर्म वाटर लाइन में जाने वाला गंदा पानी रोककर सीवरेज में जोड़ा जा रहा है। कुछेक जगहों पर समस्या है जो आने वाले समय में दूर हो जाएगी। -डीएस गुंडिया, जोनल अधिकारी, द्रविड़नगर जोन, नगर निगम इंदौर
बरसों से यहां गंदा पानी तालाब में छोडा जा रहा है। हम बदबू, गंदगी और आवारा पशुओं की समस्या से परेशान हैं। निगम इन समस्याओं को दूर कर यहां विकास कर सकता है, लेकिन जानबूझ कर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।


- नितिन लकड़े
प्रजापत नगर, इन्दौर

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